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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मेरी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में इतनी खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो रही है?
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ महसूस होना सामानà¥à¤¯ बात है। यह काफी आम à¤à¥€ है, कà¥à¤² पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाओं में से तकरीबन à¤à¤• चौथाई को यह परेशानी होती है।
इसके लिठकà¥à¤› हद तक तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खिंचाव या हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ में बदलाव को दोष दिया जा सकता है। आप यह पाà¤à¤‚गी कि खà¥à¤œà¤²à¥€ आपके पेट और सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ के निमà¥à¤¨ कारण à¤à¥€ हो सकते हैं:
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की अनà¥à¤¯ आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, जिनमें छाजन (à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾) à¤à¥€ शामिल है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ होना थोड़ा अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ सा हो सकता है। संà¤à¤µ है पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान आपको पहली बार à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ हो, या फिर यदि आपको पहले से ही à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ है, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में यह और बिगड़ à¤à¥€ सकता है या ठीक à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सिलवटों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है, जैसे कि घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ या कोहनी में अंदर की तरफ।
खाज (सà¥à¤•ेबीज़) जो कि छोटे-छोटे घà¥à¤¨ (माइट) के काटने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में होने वाली असहजता है। इसमें बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है।
कवक (फंगल) संकà¥à¤°à¤®à¤£ थà¥à¤°à¤¶ के होने पर à¤à¥€ योनि और इसके आसपास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो सकती है।
à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ से राहत के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाने की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ दवा दे सकती हैं। खाज और थà¥à¤°à¤¶ के लिठआपको उपचार की जरà¥à¤°à¤¤ होगी, जिसके बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको बताà¤à¤‚गी।
अगर आपको हाथों और पैरों समेत पूरे शरीर पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो, तो इस बारे में तà¥à¤°à¤‚त अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। यह यकृत (लीवर) से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ उस समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकता है, जो कि कई बार गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में होती है। इसे आॅबà¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (ओसी) कहा जाता है। इस बारे में नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से पढ़ें।
अधिकांश महिलाओं के लिठखà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ चिंता का कारण नहीं होती है।
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ से राहत के लिठकà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ से राहत पाने के लिठआप बहà¥à¤¤ सी चीजें कर सकती हैं। कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ उपाय à¤à¥€ हैं जो खà¥à¤œà¤²à¥€ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ने से रोकते हैं।
गरà¥à¤® पानी से नहाने से आपकी पहले से संवेदनशील तà¥à¤µà¤šà¤¾ और अधिक रà¥à¤–ी हो सकती है, जिससे खà¥à¤œà¤²à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ सकती है। इसलिठगरà¥à¤® पानी की बजाà¤, हलà¥à¤•े गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाà¤à¤‚। साथ ही, तीकà¥à¤·à¥à¤£ सà¥à¤—ंध वाले उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें। ये आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को शà¥à¤·à¥à¤• या असहज बना सकती हैं और इनसे खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकती है। रà¥à¤–ी, बिगड़ी हà¥à¤ˆ या असहज तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बॉडी बà¥à¤°à¤¶ या लूफा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें।
तà¥à¤šà¤šà¤¾ को साफ करने के लिठसौमà¥à¤¯, मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤¿à¤‚ग साबà¥à¤¨ या पीà¤à¤š-संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ बॉडी वॉश का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
हर बार नहाने के बाद अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर अचà¥à¤›à¥‡ से मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤œà¤° लगाà¤à¤‚। कोशिश करें कि असà¥à¤—ंधित उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ यà¥à¤•à¥à¤¤ मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° अचà¥à¤›à¥‡ विकलà¥à¤ª हो सकते हैं। à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ à¤à¤• जीवाणॠरोधी और फंगस रोधी पौधा है और इसका सतà¥à¤µ या अरà¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ को पोषण व सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
अगर आप अपने शरीर पर तेल लगाती हैं, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि à¤à¤¸à¥‡ तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें जिसमें लिनोलेइक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो। ओलेइक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र तेल जैसे कि सरसों का तेल या जैतून का तेल (आॅलिव आॅयल) आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को रà¥à¤–ा बना सकते हैं। साथ ही, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं जैसे कि à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ आदि को और बढ़ा सकते हैं। वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ तेलों (वेजिटेबल आॅयल) में लिनोलेइक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ काफी अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होता है इसलिठये संवेदनशील या खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सही रहते हैं। ये तà¥à¤µà¤šà¤¾ को à¤à¥‡à¤¦à¥à¤¯ बनाने की बजाय तà¥à¤µà¤šà¤¾ के बैरियर को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
कई उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में ओलेइक या लिनोइक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के बारे में जानकारी नहीं दी गई होती है। हालांकि, वे पॉलीअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ या मोनोअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ वसा के अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤à¥‹à¤‚ के बारे में जानकारी देते हैं। जिन तेलों में पॉलीअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ वसा होती है, उनमें लिनोलेइक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में होता है।
अगर आपको à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ है, तो केवल डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गई कà¥à¤°à¥€à¤® या मलहम ही लगाà¤à¤‚।
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ से राहत के लिठअकà¥à¤¸à¤° कैलामाइन लोशन लगाया जाता है। इसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को लेकर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं हैं। बहरहाल, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है और इससे आपको आराम à¤à¥€ मिल सकता है।
असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ मगर तà¥à¤°à¤‚त उपचार के लिठआप खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ वाली जगहों पर कà¥à¤› ठंडी चीजें रख सकती हैं। गीला और ठंडा तौलिया काम आ सकता है या फिर ठंडे खीरे की फांके à¤à¥€ मददगार हो सकती हैं। हालांकि ये उपचार अलà¥à¤ªà¤•ालिक ही हैं।
विटामिन सी, विटामिन ई, बीटा कैरोटीन और जिंक से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार लें। ये विटामिन आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठअचà¥à¤›à¥‡ हैं और इसे नरम व कोमल बनाठरखने में मदद करते हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बिना पूछे इन विटामिनों के अनà¥à¤ªà¥‚रक (सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट) न लें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको इनकी सही खà¥à¤°à¤¾à¤• के बारे में बता सकती हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ को जलनियोजित (हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡) रखने के लिठà¤à¤• दिन में आठसे 12 गिलास पानी पीà¤à¤‚।
अगर आपको खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ महसूस हो, तो हथेली या मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कपड़े से हलà¥à¤•े से खà¥à¤œà¤²à¥€ करें। नाखूनों से खà¥à¤œà¤²à¥€ न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे खून आ सकता है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है।
कई बार, कपड़ों से डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ न होने के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ में रà¥à¤–ापन आ जाता है, जिससे खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो सकती है। हलà¥à¤•े डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें और कपड़ों को अचà¥à¤›à¥€ तरह धोà¤à¤‚।
मà¥à¤à¥‡ पेट पर चकतà¥à¤¤à¥‡ हो गठहैं, जिनमें खà¥à¤œà¤²à¥€ हो रही है। यह कà¥à¤¯à¤¾ है?
यह पॉलिमॉरà¥à¤«à¤¿à¤• इरपà¥à¤¶à¤¨ आॅफ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी (पीईपी) नामक चिकितà¥à¤¸à¤•ीय सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की वजह से हो सकता है। यह खà¥à¤œà¤²à¥€ के साथ-साथ चकतà¥à¤¤à¥‡ होने का à¤à¤• आम कारण है। ये आमतौर पर तीसरी तिमाही में गायब हो जाते हैं। पीईपी आपके या आपके शिशॠके लिठखतरनाक नहीं है, और शिशॠके जनà¥à¤® के बाद यह ठीक हो जाना चाहिà¤à¥¤
हमें निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ नहीं है कि पीईपी होने की वजह कà¥à¤¯à¤¾ है। मगर, इसके होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ तब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है जब आपके गरà¥à¤ में जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ या इससे अधिक शिशॠहों।
पीईपी अकà¥à¤¸à¤° पेट पर खà¥à¤œà¤²à¥€à¤¦à¤¾à¤° चकतà¥à¤¤à¥‡ से शà¥à¤°à¥ होता है फिर यह जांघो तक पहà¥à¤‚च जाता है, खासकर कि आपके खिंचाव के निशानों (सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸) पर। ये चकतà¥à¤¤à¥‡ छोटे-छोटे उà¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ लाल ढेले जैसे दिख सकते हैं और तà¥à¤µà¤šà¤¾ का काफी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° लाल और सूजा हà¥à¤† लग सकता है।
पीईपी के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उपचार उपलबà¥à¤§ हैं, इनमें सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ कà¥à¤°à¥€à¤®, मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° और à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¥€à¤¨ दवाà¤à¤‚ शामिल हैं। उपचार आपके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करता है। बेहतर है कि उपचार के बारे में अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछा जाà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ किसी अधिक गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकता है?
अधिकांश मामलों में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ आपके शिशॠको पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करती है। दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में तीसरी तिमाही में खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ यकृत की समसà¥à¤¯à¤¾ आॅबà¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (ओसी) का संकेत हो सकती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का à¤à¤• अनà¥à¤¯ नाम इंटà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥ˆà¤ªà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ आॅफ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी (आईसीपी) à¤à¥€ है।
ओसी के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कारण अà¤à¥€ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं है। हालांकि, यह अवशà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¤ है कि यह à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ मूल की महिलाओं में अधिक आम है।
अगर आपको ओसी है, तो आपको शरीर में काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिसà¥à¤¸à¥‡ में तेज खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो सकती है। कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ इसे सामानà¥à¤¯ खà¥à¤œà¤²à¥€ से अलग बनाते हैं:
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ अकà¥à¤¸à¤° आपकी हथेलियों और तलवों पर होती है।
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ रात के समय अकà¥à¤¸à¤° बढ़ जाती है
आपको कोई चकतà¥à¤¤à¥‡ नहीं है
आप यह à¤à¥€ पाà¤à¤‚गी कि आपका पेशाब गहरे रंग का है और आप फीके रंग का मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— कर रही हैं।
अगर आपको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤œà¤²à¥€ हो, तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚। वह ओसी की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठखून की जांच करवाने से पहले खà¥à¤œà¤²à¥€ के अनà¥à¤¯ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारणों के बारे में पता करेंगी।
अगर आपको ओसी हà¥à¤†, तो आपको इतनी खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ होगी कि आप रात को सो à¤à¥€ न सकें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको इससे राहत के लिठदवाई या कà¥à¤°à¥€à¤® दे सकती हैं। अगर आपको ओसी हो, तो यह शिशॠके जनà¥à¤® के बाद जलà¥à¤¦ ही ठीक हो जाना चाहिà¤à¥¤
ओसी के दौरान अचà¥à¤›à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤² होना जरà¥à¤°à¥€ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा देती है।
अगर, आपको समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ नहीं होता, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ (इंडà¥à¤¯à¥‚सà¥à¤¡ लेबर) करवाने की सलाह दे सकती है, ताकि शिशॠका जनà¥à¤® पहले हो सके। आप और आपके शिशॠकी सावधानीपूरà¥à¤µà¤• निगरानी की जाà¤à¤—ी, ताकि डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके जनà¥à¤® के उचित समय के बारे में सलाह दे सकें।
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